रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजपूत समाज और संगठनात्मक गतिविधियों के बीच चल रहे भ्रामक दावों पर विराम लगाते हुए ‘क्षत्रिय करणी सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि संगठन में किसी भी प्रकार का कोई बिखराव नहीं है और वीरेंद्र सिंह तोमर ही छत्तीसगढ़ के अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष हैं।
अभिषेक सिंह कभी अधिकृत अध्यक्ष नहीं थे: राष्ट्रीय कार्यालय
पिछले दिनों कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह दावा किया जा रहा था कि संगठन के पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है। इन दावों को पूरी तरह तथ्यहीन और बेबुनियाद बताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने कहा:
“अभिषेक कुमार सिंह कभी भी संगठन के विधिवत नियुक्त और अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष नहीं रहे हैं। उन्हें केवल विशेष परिस्थितियों में एक सीमित अवधि के लिए कार्यकारी (Acting) जिम्मेदारी सौंपी गई थी। छत्तीसगढ़ के अधिकृत प्रदेश अध्यक्ष पहले भी वीरेंद्र सिंह तोमर थे और वर्तमान में भी वही जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।”

220 पदाधिकारियों के इस्तीफे का दावा पूरी तरह फिजूल
संगठन से अलग हुए कुछ गुटों द्वारा 220 पदाधिकारियों के साथ छोड़ने का दावा किया गया था, जिसे राष्ट्रीय कार्यालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। संगठन के पास उपलब्ध अधिकृत रिकॉर्ड के अनुसार, यह दावा केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को चमकाने के लिए किया गया था। वास्तविकता यह है कि छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिला, तहसील, संभाग और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी आज भी संगठन की मूल विचारधारा और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति पूरी तरह निष्ठावान हैं और मजबूती से खड़े हैं।
अनुशासनहीनता के कारण भंग की गई थी कार्यकारिणी
राष्ट्रीय नेतृत्व के अनुसार, पिछले कुछ समय से कुछ लोगों द्वारा संगठन के संविधान, अनुशासन और तय व्यवस्था के विपरीत जाकर गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसकी गहन समीक्षा करने के बाद ही राष्ट्रीय इकाई ने छत्तीसगढ़ की पुरानी कार्यकारी टीम को भंग करने का कड़ा फैसला लिया था। कार्यकारिणी भंग होने के बाद किसी भी व्यक्ति को संगठन के नाम पर बयान जारी करने या प्रतिनिधित्व करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।
सिद्धांतों से चलता है संगठन, व्यक्ति विशेष से नहीं
डॉ. राज शेखावत ने अपने संदेश में साफ कहा कि ‘क्षत्रिय करणी सेना’ किसी एक व्यक्ति विशेष पर आधारित संगठन नहीं है। संगठन की असली ताकत उसके सिद्धांत, कड़ा अनुशासन, समाज हित और जमीनी कार्यकर्ताओं का समर्पण है। व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए लिए गए फैसलों को पूरे संगठन का फैसला बताना न्यायसंगत नहीं है। छत्तीसगढ़ में वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में करणी सेना पूरी ताकत और निष्ठा के साथ समाज सेवा और क्षत्रिय हितों की रक्षा के लिए संकल्पित है।
इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट आप दैनिक भास्कर में भी छपी है।
गौरतलब है कि इससे पहले दैनिक भास्कर तथा अन्य कुछ मीडिया संस्थानों में बिना जानकारी के गलत तथ्य प्रकाशित कर दिये गए थे, जिसके बाद करणी सेना छत्तीसगढ़ तथा अहमदाबाद मुख्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसके बाद मीडिया स्ंस्थानों में आज यह खबर प्रमुखता से करणी सेना के हवाले छापी गई है।
