शिमला। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को शिमला में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कसुम्पटी स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। इस दौरान कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के अपने आरोप को जनता के बीच ले जाने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उनके पद से हटाने की मांग उठाई। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूचियों में बदलाव और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर स्पष्टता जरूरी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी राजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेता पिछले कुछ समय से चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अब ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को देशभर में जनता के बीच ले जा रही है और हिमाचल प्रदेश में भी इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए और कहा कि मतदाता सूची तथा SIR से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया।
दरअसल, कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन उस राजनीतिक विवाद के बीच हुआ है जिसमें SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में अनियमितताएं हुई हैं और इनकी स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए। पार्टी ने इसी मुद्दे को लेकर 25 सितंबर को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था।
वहीं, चुनाव आयोग ने चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद को लेकर सामने आई रिपोर्टों पर कहा है कि संस्थागत विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग का कहना है कि पिछले एक साल में उसके आदेश पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। ऐसे में ‘वोट चोरी’ और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े कांग्रेस के आरोप फिलहाल राजनीतिक दावे हैं, जिन पर पक्षों के बीच मतभेद बना हुआ है।
शिमला के प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह SIR, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका से जुड़े मुद्दों को आगे भी राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर उठाएगी। पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे को देश के अलग-अलग हिस्सों में जनता तक लेकर जाएगी।
