एक समय था जब 10 से 15 हजार रुपये के बीच शानदार फीचर्स वाले स्मार्टफोन आसानी से मिल जाते थे। लेकिन अब वही “बजट स्मार्टफोन” धीरे-धीरे लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। Samsung, Realme, Xiaomi, Vivo और Oppo जैसी कई बड़ी कंपनियों ने पिछले कुछ समय में अपने स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बजट फोन इतने महंगे क्यों होते जा रहे हैं?
लगातार बढ़ रही मैन्युफैक्चरिंग लागत
स्मार्टफोन कंपनियों का कहना है कि मोबाइल बनाने की लागत पहले के मुकाबले काफी बढ़ चुकी है। प्रोसेसर, डिस्प्ले, कैमरा सेंसर और बैटरी जैसे जरूरी कंपोनेंट्स की कीमतों में तेजी आई है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर भी आयात होने वाले पार्ट्स पर पड़ रहा है, जिससे कंपनियों का खर्च बढ़ गया है।
5G टेक्नोलॉजी ने बढ़ाई कीमत
अब लगभग हर कंपनी अपने नए फोन में 5G सपोर्ट दे रही है। 5G चिपसेट और उससे जुड़ी तकनीक 4G फोन की तुलना में ज्यादा महंगी होती है। यही वजह है कि एंट्री लेवल फोन भी पहले से महंगे हो गए हैं।
जहां पहले 10 हजार रुपये में अच्छा 4G फोन मिल जाता था, वहीं अब उसी कीमत में बेसिक फीचर्स वाला 5G फोन ही मिल पा रहा है।
कैमरा और फीचर्स की होड़
स्मार्टफोन कंपनियों के बीच ज्यादा कैमरा, बड़ी बैटरी, फास्ट चार्जिंग और AMOLED डिस्प्ले देने की होड़ भी कीमत बढ़ाने की बड़ी वजह बनी है।
आज बजट फोन में भी:
- 108MP कैमरा
- 120Hz डिस्प्ले
- 5000mAh बैटरी
- फास्ट चार्जिंग
जैसे फीचर्स दिए जा रहे हैं, जिनकी वजह से लागत बढ़ती है।

GST और टैक्स का असर
मोबाइल फोन पर लगने वाले टैक्स और जीएसटी का असर भी कीमतों पर पड़ता है। कई कंपनियां अब बढ़ी हुई लागत का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाल रही हैं।
Samsung से Realme तक बढ़े दाम
हाल के महीनों में Samsung, Realme, Xiaomi और Vivo जैसे ब्रांड्स ने अपने कई लोकप्रिय मॉडल्स की कीमतों में 500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है।
कई यूजर्स का कहना है कि अब “बजट स्मार्टफोन” नाम सिर्फ मार्केटिंग तक सीमित रह गया है क्योंकि अच्छे फीचर्स वाला फोन खरीदने के लिए अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
क्या आगे और महंगे होंगे फोन?
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतें और बढ़ सकती हैं, खासकर अगर कच्चे माल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की कीमतों में तेजी जारी रही।
हालांकि कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए EMI, एक्सचेंज ऑफर और ऑनलाइन डिस्काउंट जैसे विकल्प भी दे रही हैं ताकि बिक्री पर ज्यादा असर न पड़े।
