देशभर के लाखों शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने की समय सीमा बढ़ाने का फैसला सुनाया है। कोर्ट के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिलेगी जो तय समय सीमा के भीतर TET पास नहीं कर पाए थे।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब हजारों शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा फिलहाल टल गया है। लंबे समय से शिक्षक संगठन और अभ्यर्थी डेडलाइन बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य किया गया था। इसके लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई थी। लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षक निर्धारित समय में परीक्षा पास नहीं कर सके थे, जिसके बाद उनकी नौकरी और सेवा जारी रहने पर सवाल खड़े हो गए थे।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां शिक्षकों की ओर से समय बढ़ाने की मांग की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने माना कि बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए कोर्ट ने TET पास करने की डेडलाइन बढ़ाने की अनुमति दे दी। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि शिक्षकों को तय नई समय सीमा के भीतर परीक्षा पास करनी होगी।
शिक्षकों में खुशी की लहर

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षक संगठनों और अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है। कई शिक्षकों ने इसे “बड़ी राहत” बताते हुए कहा कि अब उन्हें तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि कई अभ्यर्थी पारिवारिक, आर्थिक और अन्य कारणों से समय पर परीक्षा पास नहीं कर पाए थे।
शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बड़ी संख्या में शिक्षक अयोग्य घोषित हो जाते तो स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो सकती थी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था के लिए भी अहम माना जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई डेडलाइन क्या तय की जाती है और शिक्षा विभाग आगे क्या दिशा-निर्देश जारी करता है।
