अहमदाबाद: गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में उस समय हड़कंप मच गया जब एक संदिग्ध पत्र में शहर में बम धमाकों की धमकी दिए जाने की सूचना सामने आई। पत्र में भारत के मोस्ट वांटेड भगोड़े अपराधी दाऊद इब्राहिम और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का उल्लेख होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा विभागों ने जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पत्र शहर के एक ऐसे स्थान से बरामद हुआ है जहां हाल के दिनों में तीन विदेशी नागरिक ठहरे हुए थे। पत्र मिलने के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और संबंधित परिसर की गहन तलाशी ली गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पत्र किसने लिखा, इसका उद्देश्य क्या था और क्या इसमें किसी वास्तविक खतरे की आशंका है या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, पत्र में अहमदाबाद में बम विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। साथ ही इसमें दाऊद इब्राहिम और लश्कर-ए-तैयबा का जिक्र भी किया गया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। हालांकि जांच एजेंसियां अभी यह स्पष्ट करने की स्थिति में नहीं हैं कि पत्र में किए गए दावे कितने विश्वसनीय हैं और इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क का हाथ है या नहीं।
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस ने संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा जांच अभियान शुरू कर दिया। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने इलाके का निरीक्षण किया। सार्वजनिक स्थानों, होटल, गेस्ट हाउस और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। पत्र की हैंडराइटिंग, कागज, भाषा और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि इसके स्रोत का पता लगाया जा सके। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज और संबंधित स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों की भी समीक्षा की जा रही है।
फिलहाल अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है और पुलिस लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी भरे इस पत्र के पीछे कौन था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
