पटना। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट से होने वाले उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार होंगे। इस सीट पर उपचुनाव बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद कराया जा रहा है। रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा की।
मनोज भारती ने बताया कि पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही बांकीपुर सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि इसे लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है।
सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता का मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं है और वे जनता द्वारा सीधे चुने हुए नेता नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “जनता ने नीतीश कुमार को चुना था, लेकिन सम्राट चौधरी पीछे के दरवाजे से मुख्यमंत्री बने हैं। बांकीपुर के जागरूक मतदाताओं के सामने अब यह अवसर है कि वे अपने मतदान के जरिए सरकार की नीतियों पर फैसला सुनाएं।”
बांकीपुर सीट क्यों है खास?
बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित सीटों में गिनी जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नितिन नवीन ने यहां 51 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी और उन्हें करीब 63 प्रतिशत वोट मिले थे। ऐसे में इस बार यह सीट सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है।
कार्यकर्ताओं का जताया आभार
प्रशांत किशोर ने अपनी उम्मीदवारी पर पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही उनका जीवन और लक्ष्य रहा है तथा आने वाले वर्षों तक बिहार में बदलाव लाने के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।
उन्होंने कहा, “बांकीपुर उपचुनाव सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि बिहार में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि जन सुराज यहां जीत दर्ज करती है तो इससे बदलाव की राजनीति को नई ताकत मिलेगी।”
पहले क्यों नहीं लड़ा था चुनाव?
गौरतलब है कि नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने अधिकांश सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में नहीं उतरे थे। उस समय उन्होंने कहा था कि पार्टी का फोकस सभी सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करना था, इसलिए उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया।
उपचुनाव का कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग के अनुसार बांकीपुर समेत तीन राज्यों की विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराया जाएगा।
- गजट अधिसूचना जारी होगी: 7 जुलाई
- नामांकन की अंतिम तिथि: 13 जुलाई
- नामांकन वापसी: 16 जुलाई
- मतदान: 30 जुलाई
- मतगणना: 3 अगस्त
राजनीतिक महत्व
बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की राजनीति का बड़ा मुकाबला माना जा रहा है। एक ओर बीजेपी अपनी परंपरागत सीट बचाने की चुनौती का सामना करेगी, वहीं दूसरी ओर प्रशांत किशोर के लिए यह चुनाव उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और जन सुराज के भविष्य की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हुई हैं।
