उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक Charbagh Railway Station पर शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर बना लोहे का शेड अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो यात्रियों और एक टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) सहित तीन लोग घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सुबह करीब 8 बजे हुई, जब प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। उसी दौरान प्लेटफॉर्म के ऊपर लगा शेड अचानक टूटकर नीचे गिर गया। तेज आवाज के साथ हुए इस हादसे से स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
- हावड़ा-दून एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे यात्री
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक हादसे के समय कई यात्री हावड़ा-दून एक्सप्रेस (13037) का इंतजार कर रहे थे। घायल यात्रियों की पहचान साहिल और अभिषेक के रूप में हुई है, जो हरिद्वार जाने वाले थे। वहीं टीटीई भूपिंदर सिंह भी हादसे की चपेट में आ गए। शेड गिरने के बाद कुछ लोग लोहे के भारी ढांचे के नीचे फंस गए थे, जिन्हें रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
- स्टेशन पर चल रहा है रिडेवलपमेंट का काम

जानकारी के अनुसार चारबाग रेलवे स्टेशन पर इस समय बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण और रिडेवलपमेंट का काम चल रहा है। रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) की निगरानी में स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जो शेड गिरा, उसे पहले ही हटाने की योजना बनाई गई थी और वह निर्माण कार्य वाले क्षेत्र का हिस्सा था।
प्लेटफॉर्म नंबर 4 को पहले से ही एयर कॉनकोर्स निर्माण के कारण बंद रखा गया था, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर ट्रेनों का संचालन जारी था। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
- रेलवे ने लिया बड़ा एक्शन
हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे साइट इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा संबंधित एजेंसी पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। रेलवे ने पूरे मामले की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन किया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। दो यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि टीटीई का इलाज जारी है। सभी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
- सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि जिस जगह पर भारी निर्माण कार्य चल रहा हो, वहां सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
