झारखंड की कोयला नगरी धनबाद एक बार फिर कोयला और लोहा कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चर्चा में है। पिछले कुछ समय से जिले में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं, फायरिंग, रंगदारी और आपराधिक गतिविधियों ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने बाघमारा क्षेत्र को कोयला और लोहा कारोबार से जुड़े विवादों का सबसे बड़ा “हॉट स्पॉट” बताते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मेयर संजीव सिंह का कहना है कि धनबाद और आसपास के इलाकों में कोयला, स्क्रैप और लोहा कारोबार पर कब्जे को लेकर विभिन्न समूहों के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। यही कारण है कि आए दिन फायरिंग, धमकी और गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बाघमारा क्षेत्र में इन गतिविधियों का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
धनबाद देश के सबसे बड़े कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। यहां कोयले के साथ-साथ लोहा, स्क्रैप और परिवहन कारोबार से जुड़े करोड़ों रुपये के लेन-देन होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक हितों और वर्चस्व की लड़ाई के चलते आपराधिक गिरोह सक्रिय हो जाते हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ता है। हाल के दिनों में कई घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि कारोबारी हितों को लेकर संघर्ष और तेज हो गया है।
मेयर ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई हो और कारोबारियों को सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से कारोबारी माहौल प्रभावित हो रहा है। कई कारोबारियों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धनबाद में कोयला और लोहा कारोबार से जुड़ी यह वर्चस्व की जंग अब केवल आर्थिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा विषय बन चुकी है। ऐसे में प्रशासन की आगामी कार्रवाई और सुरक्षा रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
