देश की न्यायिक व्यवस्था में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर के सभी हाईकोर्ट्स को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि रिजर्व यानी सुरक्षित रखे गए फैसलों को अधिकतम 3 महीने के भीतर सुनाना अनिवार्य होगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि न्याय में अनावश्यक देरी लोगों के भरोसे को कमजोर करती है और इसे रोकना बेहद जरूरी है।
3 महीने में फैसला नहीं तो मुख्य न्यायाधीश को सूचना
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि कोई फैसला रिजर्व होने के तीन महीने के भीतर नहीं सुनाया जाता है, तो संबंधित हाईकोर्ट का रजिस्ट्रार जनरल उस मामले को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने रखेगा। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश संबंधित जज को अधिकतम दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दे सकते हैं। अगर इसके बावजूद फैसला नहीं आता, तो मामला दूसरी बेंच को ट्रांसफर किया जा सकेगा।
15 दिनों में पूरा फैसला अपलोड करना जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अदालत द्वारा मुख्य आदेश (Operative Part) सुनाने के 15 दिनों के भीतर पूरा फैसला कारणों सहित ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा।
यदि 15 दिन के भीतर विस्तृत आदेश अपलोड नहीं किया जाता, तो संबंधित पक्षकार अदालत में आवेदन दाखिल कर सकेंगे।
30 दिन बाद पक्षकार दूसरी बेंच की मांग कर सकेंगे
कोर्ट ने आगे कहा कि अगर 30 दिनों तक भी पूरा फैसला अपलोड नहीं होता है, तो पक्षकार केस वापस लेने या दूसरी बेंच के सामने सुनवाई की मांग कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि फैसलों में देरी से आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई मामलों में लोग वर्षों तक फैसले का इंतजार करते रहते हैं, जिससे न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। कोर्ट ने कहा कि न्याय केवल दिया ही नहीं जाना चाहिए, बल्कि समय पर दिया जाना भी जरूरी है।
न्यायपालिका में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न्यायिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे अदालतों में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी और फैसलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
इस फैसले के बाद अब देशभर की अदालतों में “तारीख पर तारीख” वाली देरी पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
