भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए उन्हें 30 और 31 मई को होने वाले ट्रायल में शामिल होने की इजाजत दे दी। हालांकि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान विनेश फोगाट से कई कड़े सवाल भी पूछे और साफ कहा कि “आप कोई साधारण एथलीट नहीं हैं, आपकी कई उपलब्धियां हैं, लेकिन देश सबसे पहले है।”
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। इस फैसले को Wrestling Federation of India (WFI) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। शुक्रवार, 29 मई 2026 को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और WFI की याचिका पर नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 1 जून को होगी।
- सुप्रीम Court ने क्यों उठाए सवाल?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विनेश फोगाट से पूछा कि उन्होंने दिसंबर 2024 में ब्रेक लेने के बाद डोपिंग टेस्ट में हिस्सा क्यों नहीं लिया और अपनी लोकेशन की जानकारी क्यों साझा नहीं की।
कोर्ट ने कहा,
“14 दिसंबर 2024 को आपने ब्रेक लिया, फिर मां बनीं, आपने डोपिंग टेस्ट में हिस्सा नहीं लिया। आपने यह भी नहीं बताया कि आप कहां हैं। बाद में आपने कहा कि आप विधानसभा की कार्यवाही में व्यस्त थीं, लेकिन आपका स्पष्टीकरण स्वीकार नहीं किया गया।”
हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि ट्रायल बेहद करीब हैं, इसलिए उन्हें अभी रोकना उचित नहीं होगा।
- विनेश की वकील ने रखा पक्ष
विनेश फोगाट की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा कि वह सिर्फ ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांग रही हैं।
उन्होंने कहा,
“एक महिला जिसने एक साल पहले बच्चे को जन्म दिया, वह सिर्फ इतना चाहती है कि उसे ट्रायल में हिस्सा लेने दिया जाए।”
इस दलील के बाद कोर्ट ने फिलहाल उन्हें राहत देते हुए ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दे दी।
- देश की स्टार पहलवान हैं विनेश
विनेश फोगाट भारत की सबसे सफल महिला पहलवानों में गिनी जाती हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में देश के लिए पदक जीते हैं और लंबे समय तक भारतीय कुश्ती की बड़ी पहचान रही हैं।
हालांकि हाल के समय में वह खेल के साथ-साथ कई विवादों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर भी चर्चा में रही हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एशियन गेम्स ट्रायल में विनेश फोगाट कैसा प्रदर्शन करती हैं और आगे सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर क्या फैसला आता है।
