तखतपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर पालिका क्षेत्र में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कुछ स्मार्ट मीटरों पर ‘महतारी वंदन वसूली मीटर, नगर पालिका तखतपुर’ लिखा स्टिकर लगाए जाने का मामला सामने आया है। स्टिकर का वीडियो और फोटो सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गई है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं की ओर से स्मार्ट मीटर का विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया है कि स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली बिल के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। हालांकि, स्मार्ट मीटर के जरिए किसी विशेष योजना के लाभार्थियों से अलग से वसूली किए जाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्मार्ट मीटर पर सियासी स्टिकर से विवाद
मामला तब सामने आया जब तखतपुर नगर पालिका क्षेत्र में लगाए गए स्मार्ट मीटर पर ‘महतारी वंदन वसूली मीटर’ लिखा स्टिकर दिखाई दिया। स्टिकर पर नगर पालिका तखतपुर का नाम भी दर्ज है। इसको लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि स्टिकर किसने तैयार कराया और इसे मीटर पर लगाने की अनुमति किस स्तर से मिली।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस नेता करीम कुरैशी समेत कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर स्टिकर लगाने का आरोप सामने आया है। हालांकि, इस संबंध में नगर पालिका की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कांग्रेस का स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध
कांग्रेस लंबे समय से छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों को लेकर विरोध दर्ज करा रही है। पार्टी की ओर से कई स्थानों पर स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों को लेकर अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आई है।
तखतपुर में भी कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध जताते हुए इसे ‘महतारी वंदन वसूली मीटर’ नाम दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की महतारी वंदन योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं पर स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
भाजपा पार्षद दल सौंपेगा SDM को ज्ञापन
मामले को लेकर भाजपा पार्षद दल भी सक्रिय हो गया है। भाजपा पार्षदों की ओर से एसडीएम को ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है। ज्ञापन के जरिए स्मार्ट मीटर लगाने और मीटरों पर लगाए गए राजनीतिक स्टिकर के मामले में प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा।
वहीं, स्टिकर पर नगर पालिका के नाम के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि स्टिकर नगर पालिका की ओर से अधिकृत रूप से नहीं लगाया गया है, तो सरकारी निकाय के नाम का इस्तेमाल किसने किया, यह जांच का विषय हो सकता है।
स्मार्ट मीटर को लेकर पहले से जारी है सियासी विरोध
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस पहले से ही सरकार के खिलाफ अभियान चला रही है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी की ओर से स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रदर्शन और जन अभियान किए गए हैं।
ऐसे में तखतपुर में स्मार्ट मीटर पर लगाए गए राजनीतिक संदेश वाले स्टिकर ने इस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर और गरमा दिया है। अब भाजपा के ज्ञापन और प्रशासन की कार्रवाई के बाद मामले में आगे क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर रहेगी।
