रायपुर। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर गैंग के नाम पर धमकी देकर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन फिलहाल उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए चार टीमें गठित की हैं।
कई ठिकानों पर पुलिस की दबिश
पुलिस के मुताबिक, शोएब ढेबर की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को रायपुर में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। पुलिस टीमों ने आरोपी के मकान के साथ-साथ उसके रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी जांच की। इसके अलावा शहर से बाहर उसके संभावित ठिकानों पर भी पुलिस की टीमें भेजी गई हैं।
पुलिस की चार टीमों में एसीपी स्तर के अधिकारी, दो थाना प्रभारियों समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। दो टीमें शहर के बाहर संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही हैं, जबकि दो टीमें रायपुर में आरोपी और उसके रिश्तेदारों से जुड़े स्थानों की जांच कर रही हैं।
विदेशी सिम से धमकी और 25 करोड़ की मांग का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी पर विदेशी सिम का इस्तेमाल कर आनंद कुकरेजा के बेटे को धमकी भरे मैसेज और व्हाट्सऐप कॉल करने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग के नाम का इस्तेमाल करते हुए 25 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को कुछ अन्य महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर शोएब ढेबर को आरोपी बनाया गया और उसे पहले गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फरार होने का दावा
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को अवकाशकालीन अदालत में पेश किया था। अदालत से उसे जमानत मिलने के बाद पुलिस ने उसकी दोबारा गिरफ्तारी और पूछताछ की जरूरत बताते हुए ऊपरी अदालत में अपील की।
पुलिस की अपील स्वीकार होने के बाद शोएब ढेबर की दोबारा गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया।
मोबाइल बंद, लोकेशन तलाश रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, शोएब ढेबर का मोबाइल फोन फिलहाल बंद है और उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और संभावित ठिकानों के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।
फिलहाल पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही कथित रंगदारी मामले में उसकी भूमिका और धमकी से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की जाएगी।
