राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद फर्जी वोटिंग के आरोपों को लेकर विवाद सामने आया है। राजनांदगांव में शहर जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे कुछ उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उम्मीदवारों का दावा है कि उनके मोबाइल नंबर और आईडी का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना दूसरे पक्ष के पक्ष में वोटिंग की गई।
शहर जिलाध्यक्ष पद के उम्मीदवार अमर झा ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उनके मोबाइल की आईडी हैक होने के बाद उनके नंबर से विरोधी उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग हुई। उन्होंने इस संबंध में चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) से शिकायत किए जाने की बात कही है। इसी तरह उम्मीदवार विप्लव शर्मा ने भी आरोप लगाया कि उनके मोबाइल की आईडी का इस्तेमाल कर दूसरे पक्ष के लिए वोट डाले गए। उनका कहना है कि उनके मोबाइल नंबर पर किसी दूसरे की आईडी दिखाई दे रही थी और इस संबंध में भी शिकायत की गई है।
RO ने कहा- शिकायत मिली है, जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी
मामले को लेकर राजनांदगांव के रिटर्निंग अधिकारी सतीश आर्यन ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कितनी शिकायतें आई हैं, इसकी जानकारी देखने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी। वहीं उन्होंने ऐप के हैक होने जैसी किसी समस्या से इनकार करते हुए कहा कि एप्लिकेशन सही तरीके से काम कर रहा है।
युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ में पहले भी ऑनलाइन वोटिंग की पारदर्शिता पर सवाल उठ चुके हैं। अलग-अलग उम्मीदवारों की ओर से फर्जी वोटिंग, आईडी और तकनीकी गड़बड़ी से जुड़े आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राजनांदगांव में तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
राजनांदगांव शहर जिलाध्यक्ष पद के लिए अमर झा, विप्लव शर्मा और अनिस खान मैदान में बताए जा रहे हैं। अमर झा को शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के खेमे से जुड़ा बताया गया है, जबकि विप्लव शर्मा को निखिल द्विवेदी और अनिस खान को संतोष पिल्ले के खेमे से समर्थन मिलने की बात सामने आई है।
चुनाव के अंतिम चरण में सोशल मीडिया पर फर्जी वोटिंग से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। उम्मीदवारों की ओर से शिकायत किए जाने के बाद अब निगाहें चुनाव प्राधिकरण की जांच और आगे की कार्रवाई पर हैं।
करीब 15 हजार सदस्यता का दावा
राजनांदगांव जिले में शहर जिलाध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की ओर से करीब 15 हजार सदस्य बनाए जाने की बात सामने आई है। सदस्यता शुल्क 75 रुपये निर्धारित बताया गया था। सदस्यता के बाद ऑनलाइन वोटिंग की प्रक्रिया की गई।
युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में शहर अध्यक्ष और ग्रामीण अध्यक्ष के साथ महासचिव पद के लिए भी चुनाव कराया गया। प्रदेश में ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया 30 अगस्त से 29 सितंबर तक चली और मतदान समाप्त होने के बाद अलग-अलग स्थानों से प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
फर्जी वोटिंग और आईडी के कथित इस्तेमाल को लेकर उम्मीदवारों ने शिकायतें की हैं, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सामने आई गड़बड़ियां तकनीकी समस्या, डेटा संबंधी किसी कारण या किसी अन्य वजह से हुईं। चुनाव प्राधिकरण की जांच के बाद ही इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
