मुंबई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मानहानि की शिकायत और उससे जुड़ी कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।
2018 के बयान से जुड़ा है मामला
यह मामला साल 2018 में राजस्थान में एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी द्वारा दिए गए भाषण से जुड़ा है। आरोप है कि भाषण के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘कमांडर-इन-थीफ’ और ‘चोरों का सरदार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
राहुल गांधी ने दी थी यह दलील
राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई थी कि भाषण के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था। उनका कहना था कि केवल किसी राजनीतिक दल या उसके संदर्भ में कही गई बात को व्यक्तिगत मानहानि का आधार नहीं माना जा सकता।
हाईकोर्ट ने दलील को नहीं माना
हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी है। ऐसे में भाषण में इस्तेमाल किए गए संदर्भ और उसके प्रभाव को केवल इस आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया।
मानहानि मामले की कार्यवाही जारी रहेगी
हाईकोर्ट के याचिका खारिज करने के बाद राहुल गांधी को इस मामले में राहत नहीं मिल सकी है। अब उनके खिलाफ चल रही मानहानि मामले की कानूनी कार्यवाही पर इसका असर पड़ेगा और मामला आगे बढ़ सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम दोषसिद्धि का सवाल अलग कानूनी प्रक्रिया और आगे की सुनवाई पर निर्भर करेगा।
