नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा फ्रीज किए गए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को संतुलित बताते हुए उसे बरकरार रखा।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC को अपने रोजमर्रा के खर्चों के लिए इन खातों का सीमित संचालन करने की अनुमति दी थी। हालांकि, यह संचालन एक विशेष अधिकारी की निगरानी में किया जाना था। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस संतुलित व्यवस्था वाले आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया।
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, Carewell Aviation से जुड़े कथित संदिग्ध लेन-देन की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में HDFC बैंक में TMC के तीन खातों को 7 जुलाई को फ्रीज किया गया था। इन खातों में करीब ₹440 करोड़ की रकम होने की बात सामने आई थी।
ED की कार्रवाई के बाद पार्टी के बैंक खातों के संचालन पर रोक लग गई थी, जिसके खिलाफ TMC ने अदालत का रुख किया था। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद हाई कोर्ट द्वारा तय की गई निगरानी व्यवस्था के तहत पार्टी को सीमित वित्तीय संचालन की अनुमति जारी रहेगी।
मामला कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है, जिसकी जांच ED द्वारा की जा रही है।
