नई दिल्ली:
रूस-यूक्रेन युद्ध में हताहत और लापता हुए भारतीय नागरिकों के परिवारों की सहायता के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और मानवीय कदम उठाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश जारी करते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव कानूनी, वित्तीय और प्रक्रियात्मक मदद पहुंचाने का आदेश दिया है।
विदेश मंत्रालय नियुक्त करेगा नोडल अधिकारी
सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को आदेश दिया है कि वह तुरंत एक विशेष नोडल अधिकारी (Nodal Officer) नियुक्त करे। यह अधिकारी प्रभावित और शोकाकुल परिवारों से सीधा संपर्क बनाए रखेगा और कागजी कार्यवाही से लेकर अन्य सभी जरूरी प्रक्रियाओं में उनकी सहायता करेगा।
फैसले की मुख्य बातें:
- DNA मिलान की व्यवस्था: युद्ध क्षेत्र में मारे गए भारतीय नागरिकों के शवों की सटीक पहचान के लिए प्रशासन को DNA प्रोफाइलिंग और मैचिंग की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
- मुआवजे का दावा कराने में मदद: रूसी दूतावास (Russian Embassy) के माध्यम से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दावा (Compensation Claim) दाखिल करने में सरकार पूरी कानूनी और प्रशासनिक मदद प्रदान करेगी।
- स्थानीय भाषा में दी जाएगी जानकारी: अदालत ने जोर देकर कहा कि मामले से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां, अपडेट्स और कागजी प्रक्रियाएं पीड़ितों तक उनकी मातृभाषा (स्थानीय भाषा) में पहुंचाई जाएं, ताकि उन्हें किसी भाषा की बाधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से युद्ध की विभीषिका झेल रहे भारतीय परिवारों को न्याय और राहत मिलने की दिशा में बड़ी उम्मीद जगी है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
