इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षाबलों ने आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया और कई स्थानों पर गोलीबारी की।
प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि सोमवार और मंगलवार को हुई कार्रवाई में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। समिति के अनुसार, सोमवार को 25 और मंगलवार को 5 लोगों की जान गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर PoK से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ लोग भारतीय सेना से मदद की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। एक वायरल वीडियो में एक महिला दावा करती है कि पाकिस्तानी सेना और पुलिस ने क्षेत्र में लोगों पर गोलीबारी की है और कई लोगों की जान चली गई है। इन वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पहले पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े रहे हैं। OSINT आधारित कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना के सेवानिवृत्त SSG कमांडो फारूक सुधन भी गोलीबारी में घायल हुए हैं। उन पर अतीत में आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक कथित वीडियो भी सामने आया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं, JAAC के प्रवक्ता ने पाकिस्तानी सेना पर प्रदर्शनकारियों के शवों को कथित रूप से गायब करने का भी आरोप लगाया है। पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
PoK की मौजूदा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल क्षेत्र से आने वाली कई जानकारियों और वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, इसलिए इन दावों को सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।
