नई दिल्ली:
लोकसभा में ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ पर चर्चा के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए इसे परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक सुधार बताया है। उन्होंने सदन में दावा किया कि यह नया कानून देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा तथा परीक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ साबित होगा।
- पारदर्शिता और सुरक्षा की गारंटी: सरकार का कहना है कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक और नकल जैसी कुप्रथाओं पर लगाम कसने के लिए बेहद सख्त प्रावधान लेकर आया है।
- UPA सरकार पर निशाना: चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पुरानी सरकारों (UPA काल) का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में अनगिनत पेपर लीक हुए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि उन सभी मामलों की सूची गिनाई जाए, तो संसद की पूरी चर्चा का समय कम पड़ जाएगा।
- कड़े दंड का प्रावधान: इस बिल के तहत परीक्षा में गड़बड़ी करने या नकल गिरोह चलाने वालों के लिए भारी जुर्माने और लंबी सजा का कड़ा प्रावधान किया गया है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों में डर पैदा हो सके।
- संसद के मौजूदा सत्र में देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लाए गए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन बिल, 2026’ पर लोकसभा में तीखी और लंबी बहस देखने को मिली। विपक्ष के कई सवालों और चिंताओं का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ पूरी तरह खड़ी है और उनके पसीने की कमाई व मेहनत का मोल समझती है।
मंत्री ने कहा कि पहले के समय में पेपर लीक होना एक आम बात बन गई थी, जिससे प्रतिभावान छात्रों का मनोबल टूटता था। लेकिन मौजूदा सरकार ने इस समस्या की गहराई को समझा और बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के देशव्यापी एक सख्त कानून की रूपरेखा तैयार की है।
सदन में इस बिल के पारित होने से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सरकारी नौकरियों और प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले माफियाओं पर शिकंजा कसेगा और परीक्षाएं पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो सकेंगी।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
