नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जर्मनी ने व्यापार और निवेश संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला कदम बताया है। भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा कि यह समझौता भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देगा और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकता है।
जर्मन राजदूत के अनुसार, भारत-EU FTA से बाजारों तक पहुंच आसान होगी, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में कारोबार विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी पहले से ही मजबूत आर्थिक साझेदार हैं और यह समझौता इस रिश्ते को और गहरा करने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि FTA लागू होने के बाद भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं कम हो सकती हैं। इससे भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं, जबकि जर्मन कंपनियों को भारत के तेजी से बढ़ते बाजार में निवेश और विस्तार का फायदा मिल सकता है।
भारत और जर्मनी के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, तकनीक, विनिर्माण और कौशल विकास शामिल हैं। जर्मनी भारत को एशिया में एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार के रूप में देखता है, जबकि भारत यूरोप के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
जर्मन राजदूत ने उम्मीद जताई कि भारत-EU FTA दोनों देशों के उद्योगों को नई संभावनाएं देगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा। इस समझौते को भारत और यूरोप के बीच आर्थिक साझेदारी के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
