नई दिल्ली: देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने बढ़ती उत्पादन लागत और वैश्विक परिस्थितियों के दबाव के चलते वाहनों की कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। कंपनी ने बताया कि वेस्ट एशिया संकट (West Asia Crisis) के कारण सप्लाई चेन, कच्चे माल और ऊर्जा लागत पर असर पड़ा है, जिसके चलते बढ़े हुए खर्च का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया है।
इनपुट कॉस्ट बढ़ने से कीमतों पर असर
कंपनी के अनुसार, पिछले कुछ समय से कच्चे माल की कीमतों और उत्पादन खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। वैश्विक व्यापार मार्गों और ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता के कारण लागत दबाव और बढ़ा है। इसी वजह से मारुति सुजुकी ने कीमतों में सीमित बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
ग्राहकों पर पूरा बोझ नहीं डालेगी कंपनी
मारुति सुजुकी का कहना है कि कंपनी बढ़ी हुई लागत का पूरा भार ग्राहकों पर नहीं डाल रही है, बल्कि केवल एक हिस्से को ही कीमतों में शामिल किया जा रहा है। कंपनी का उद्देश्य लागत संतुलन बनाए रखना और ग्राहकों के लिए वाहनों को किफायती बनाए रखना है।
ऑटो सेक्टर पर बढ़ता लागत दबाव
ऑटोमोबाइल उद्योग पहले से ही कच्चे माल की कीमतों, लॉजिस्टिक्स खर्च और वैश्विक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। मारुति सुजुकी के इस कदम के बाद वाहन बाजार में कीमतों और मांग पर इसके प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
