नई दिल्ली /
नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने नई शर्तें रखी हैं। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर अस्पताल में आकर उनका हाल-चाल जानने व अनशन समाप्त करने की अपील के लिए धन्यवाद दिया।
सरकार के समक्ष रखीं ये प्रमुख माँगें:
- छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक: वांगचुक ने सरकार से स्पष्ट और लिखित आश्वासन मांगा है कि आंदोलन और 20 जुलाई को हुए ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल हुए किसी भी छात्र या युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई पुलिस या कानूनी कार्रवाई न की जाए।
- पीड़ित परिवारों को सहायता: पेपर लीक के कारण तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा और वित्तीय सहायता दी जाए।
- संसद में जवाबदेही और चर्चा: परीक्षा लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर संसद में गंभीर व सार्थक चर्चा कराई जाए और पूरी जवाबदेही तय की जाए।
“मैं जीना चाहता हूँ, लेकिन छात्रों की कीमत पर नहीं”
पत्र में वांगचुक ने 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च को पूरी तरह से शांतिपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने वाले युवाओं के खिलाफ कोई उत्पीड़न या बदले की कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने लिखा:
“विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने मुझसे अनशन खत्म करने की अपील की है। मैं भी जीना चाहता हूँ और वापस अपने छात्रों व शिक्षा के काम में लौटना चाहता हूँ, लेकिन उन युवाओं की बलि देकर नहीं जिनके भविष्य के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ है।”
वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का स्पष्ट आश्वासन देती है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
