नई दिल्ली:
मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा- जिन्हें सरकार चलाने का इतना शौक है, वो चुनाव जीतकर आएं; ब्लैकमेलिंग और हंगामा बर्दाश्त नहीं
संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लोकसभा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है। संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कंगना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक चुनी हुई सरकार को दबाव नीति या हंगामे के जरिए फैसले लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
“संसद चर्चा के लिए है, अराजकता फैलाने के लिए नहीं”
मंडी से सांसद कंगना रनौत ने कहा कि संसदीय सत्र का मुख्य उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करना और सरकार की जवाबदेही तय करना होता है।
“संसदीय सत्र इसलिए होता है ताकि हम सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर सकें और सरकार से सवाल पूछ सकें। लेकिन अगर विपक्ष काम रोकेगा और अराजकता फैलाएगा, तो यह बिल्कुल भी उचित नहीं है।”
— कंगना रनौत, बीजेपी सांसद
“किस मंत्री को रखना है और किसे हटाना, यह सरकार का अधिकार”
विपक्ष द्वारा मंत्रियों के इस्तीफे और अधिकारियों को हटाने की मांगों पर पलटवार करते हुए कंगना ने कहा:
- दबाव की राजनीति गलत: “आप सरकार को इस बात के लिए ‘आर्म-ट्विस्ट’ (ब्लैकमेल/दबाव) नहीं कर सकते कि किसे नौकरी से निकालना है और किसे रखना है।”
- जनादेश का सम्मान करें: “जनता द्वारा चुनी गई सरकार के पास यह तय करने का संप्रभु अधिकार है कि उसे शासन कैसे चलाना है। अगर विपक्ष को इतना ही लगता है, तो उन्हें खुद चुनाव लड़कर सत्ता में आना चाहिए।”
क्यों हुआ संसद में हंगामा?
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों ने NEET परीक्षा में अनियमितताओं और अन्य मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। इसी गतिरोध और हंगामे पर कंगना रनौत ने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना की।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
