देहरादून:
उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में से एक, श्री बद्रीनाथ धाम में हुए दान चोरी के मामले को लेकर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की पुलिस कस्टडी (रिमांड) मांगे जाने के बाद, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इस मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “ऐसे पवित्र और आस्था के केंद्र पर किया गया यह अपराध किसी भी कीमत पर माफी के योग्य नहीं है।”
सीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बद्रीनाथ धाम करोड़ो श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है और वहां किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसआईटी (SIT) और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की तह तक जाकर जांच की जाए और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।
SIT ने मांगी आरोपी प्रमोद नौटियाल की कस्टडी
मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कोर्ट से आरोपी प्रमोद नौटियाल की पुलिस हिरासत की मांग की है।
- जांच का दायरा: एसआईटी आरोपी से यह उगलवाने की कोशिश करेगी कि इस चोरी में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
- रिकवरी: चोरी की गई दान राशि और इससे जुड़े अन्य साक्ष्यों (Evidence) को बरामद करने के लिए पुलिस कस्टडी को बेहद अहम माना जा रहा है।
श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश
बद्रीनाथ जैसे पावन तीर्थ स्थल पर दान के पैसों की हेराफेरी की खबर सामने आने के बाद से ही आम जनता और तीर्थयात्रियों में भारी नाराजगी है। मुख्यमंत्री के इस कड़े बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जल्द ही पूरे नेक्सस का पर्दाफाश करेगा।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
