मुंबई/नई दिल्ली:
लद्दाख के प्रमुख शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के पिछले 16 दिनों से जारी अनशन को लेकर देश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
संजय राउत का केंद्र पर तीखा प्रहार
संजय राउत ने केंद्र सरकार पर आंदोलनकारियों से बातचीत से बचने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में सवाल उठाया, “पद्मश्री से सम्मानित सोनम वांगचुक पिछले 16 दिनों से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनसे बात तक नहीं कर रही है। क्या सरकार उन्हें इसी तरह मरने के लिए छोड़ देना चाहती है?”
नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
संजय राउत ने सोनम वांगचुक के इस आंदोलन को छात्रों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि वांगचुक मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नीट (NEET) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
- धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना: राउत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में परीक्षा प्रणालियों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।
- छात्रों का दर्द: उन्होंने कहा कि इस प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार के कारण देश के लाखों होनहार छात्र मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं।
अन्ना हजारे से समर्थन की अपील
आंदोलन को देशव्यापी और मजबूत बनाने के लिए संजय राउत ने वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे से भी एक विशेष अपील की है।
उन्होंने अन्ना हजारे से अनुरोध किया है कि वे आगे आएं और देश के छात्रों व शिक्षा व्यवस्था के हक में चल रहे सोनम वांगचुक के इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दें।
बढ़ सकती हैं सरकार की मुश्किलें
सोनम वांगचुक का अनशन जैसे-जैसे लंबा खींच रहा है, विपक्ष इस मुद्दे पर उतना ही हमलावर होता जा रहा है। संजय राउत के इस तीखे बयान के बाद आने वाले दिनों में इस आंदोलन को लेकर संसद से लेकर सड़क तक सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
