पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में अवैध तरीके से अमीर बनने या शॉर्टकट अपनाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून से बचने का कोई रास्ता नहीं है और जो लोग गलत तरीके अपनाएंगे, उनके लिए जेल ही अंतिम मंजिल होगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पटना में आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए कहा कि बिहार में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, “बिहार में कोई भी व्यक्ति रातों-रात अमीर नहीं बन सकता। इसके लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। जो लोग गलत रास्ता अपनाने की कोशिश करेंगे, उनके लिए बेऊर जेल जाना तय है।” उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा और किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
सम्राट चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार के भीतर कोई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि या किसी भी स्तर का अधिकारी आर्थिक अपराध या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नजर में सभी बराबर हैं और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी संरक्षण नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के ‘सहयोग’ पोर्टल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक सीधे सरकार तक अपनी शिकायतें और समस्याएं पहुंचा रहे हैं। उनके अनुसार अब तक करीब चार लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग साढ़े तीन लाख मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाना है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सतर्कता तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है। साथ ही अधिकारियों को भी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनता का शासन व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हो सके। सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार सरकार प्रशासनिक सुधार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और जन शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर कई नई पहल कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समय में आर्थिक अपराधों और भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की कार्रवाई और अधिक सख्त देखने को मिल सकती है।
