नई दिल्ली / उज्जैन
कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर उज्जैन में ‘मास्टर प्लान 2035’ के तहत आने वाली जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने बुधवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इसे “लोगों की आस्था पर प्रहार” करार दिया।
मुख्य आरोप: सिंहस्थ क्षेत्र में जमीन की खरीद
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार के सदस्यों ने उज्जैन के उस क्षेत्र में भारी मात्रा में जमीन खरीदी है जहाँ साल 2028 में ‘सिंहस्थ कुंभ महापर्व’ का आयोजन होना है।
- जमीन का विवरण: कांग्रेस का दावा है कि कुंभ क्षेत्र की कुल 168 एकड़ जमीन में से 111 एकड़ जमीन मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई है।
- हितों का टकराव (Conflict of Interest): खेड़ा ने कहा कि मोहन यादव पहले शिक्षा मंत्री और पर्यटन निगम के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं, इसलिए सभी फाइलें उनके पास से गुजरती हैं। उनके पास मास्टर प्लान की अंदरूनी जानकारी (Inside Information) थी।
- शेयर बाजार से तुलना: कांग्रेस नेता ने इसे शेयर बाजार की तर्ज पर ‘इंसाइडर ट्रेडिंग’ का मामला बताया, जहाँ आंतरिक जानकारी का उपयोग करके निजी लाभ कमाया गया।
केंद्र सरकार और विपक्ष के अन्य नेताओं के निशाने पर भाजपा
पवन खेड़ा के साथ-साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, जबकि खुद उनकी पार्टी के मुख्यमंत्रियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उज्जैन में कुल मिलाकर लगभग 253 एकड़ के कथित भूमि घोटाले को लेकर विपक्ष लगातार मध्य प्रदेश सरकार पर हमलावर है।
बचाव में उतरे समर्थक
दूसरी तरफ, इन आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का बचाव किया है। उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि मोहन यादव का राजनीति में आने से पहले रियल एस्टेट (जमीन के कारोबार) से पुराना जुड़ाव रहा है, इसलिए इन लेन-देन को गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
