हरिद्वार:
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में उतरने को लेकर अगले एक महीने के भीतर बड़ा फैसला ले सकती है।
उन्होंने कहा कि पार्टी की उत्तराखंड इकाई लगातार राज्य में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ चुनाव लड़ने की मांग कर रही है, जिस पर पार्टी नेतृत्व गंभीरता से विचार कर रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश इकाई की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा गया है।
इस प्रस्ताव पर पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड में चर्चा होगी और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले एक महीने के भीतर इस संबंध में पार्टी अपना रुख स्पष्ट कर देगी।
चिराग पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) केवल बिहार तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में अपनी राजनीतिक उपस्थिति को लगातार मजबूत कर रही है। इसी रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में संगठन विस्तार का अभियान चलाया जा रहा है। उनका कहना था कि पार्टी का उद्देश्य उन राज्यों में भी मजबूत विकल्प के रूप में उभरना है, जहां संगठन को विस्तार की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मानना है कि राज्य में पार्टी के लिए राजनीतिक अवसर मौजूद हैं। इसी वजह से प्रदेश इकाई ने आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने की मांग की है। पार्टी नेतृत्व इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगा और संगठन की तैयारियों, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों तथा कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
चिराग पासवान ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी चुनावी राजनीति के साथ-साथ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, नए सदस्यों को जोड़ने और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने का अभियान जारी है।
उनका कहना था कि किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने से पहले मजबूत संगठन तैयार करना पार्टी की प्राथमिकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तराखंड विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला करती है, तो राज्य की चुनावी राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उसका चुनावी सहयोगियों को लेकर क्या रुख रहेगा, इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल सभी की नजरें पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सक्रिय भूमिका देखने को मिल सकती है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि अगले एक महीने के भीतर इस विषय पर अंतिम निर्णय सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
