1. जरूरत न होने पर भी बिजली का इस्तेमाल करना
घर के कई कमरों में लाइट, पंखे या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चालू छोड़ देना एक आम आदत है। इससे न केवल बिजली की खपत बढ़ती है, बल्कि ऊर्जा उत्पादन के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अधिक उपयोग भी होता है।
- कमरे से निकलते समय लाइट और पंखा बंद करें।
- पुराने बल्बों की जगह LED बल्ब लगाएं।
- इस्तेमाल न होने पर चार्जर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अनप्लग करें।
2. छोटी दूरी के लिए भी वाहन का इस्तेमाल
कई लोग बाजार, ऑफिस या आसपास की जगहों पर जाने के लिए भी बाइक या कार का उपयोग करते हैं। पेट्रोल और डीजल से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है।
- कम दूरी के लिए पैदल चलें।
- साइकिल का इस्तेमाल बढ़ाएं।
- सार्वजनिक परिवहन या कारपूलिंग को प्राथमिकता दें।
3. पानी की बर्बादी करना

दांत साफ करते समय नल खुला छोड़ना, जरूरत से ज्यादा पानी बहाना या लीकेज को नजरअंदाज करना जल संकट को बढ़ा सकता है।
- नल का उपयोग जरूरत के अनुसार करें।
- घर में पानी की लीकेज तुरंत ठीक करवाएं।
- वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को बढ़ावा दें।
4. सिंगल-यूज प्लास्टिक का अधिक उपयोग
प्लास्टिक बैग, बोतलें, स्ट्रॉ और डिस्पोजेबल सामान पर्यावरण के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं। इन्हें नष्ट होने में सैकड़ों साल लग सकते हैं।
- रीफिल होने वाली पानी की बोतल साथ रखें।
- प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण-अनुकूल विकल्प चुनें।
5. कचरे को सही तरीके से न फेंकना
गीले और सूखे कचरे को एक साथ फेंकने से रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया प्रभावित होती है और प्रदूषण बढ़ता है।
- घर में कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटें।
- रीसाइक्लेबल वस्तुओं को अलग रखें।
- जैविक कचरे से खाद बनाने की कोशिश करें।
6. स्मोकिंग और तंबाकू से फैलने वाला कचरा
सिगरेट बट्स दुनिया में सबसे ज्यादा फेंके जाने वाले कचरों में शामिल हैं। इनमें माइक्रोप्लास्टिक और जहरीले रसायन होते हैं, जो मिट्टी और जल स्रोतों को प्रदूषित करते हैं।
- सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट बट्स न फेंकें।
- कचरे को निर्धारित डस्टबिन में डालें।
- तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाएं।
