रायपुर 4 जुलाई 2026
नकटी क्षेत्र में प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद बवाल थामने का नाम नहीं ले रहा है। बुलडोजर कार्रवाई से बेघर और बेरोजगार हुए सैकड़ों प्रभावित लोगों ने अपनी नाराजगी जताते हुए सीधे मंत्री आवास का घेराव कर दिया। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें न तो संभलने का पर्याप्त समय दिया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने आजीविका और सिर छुपाने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
“बिना सुने उजाड़ दिए आशियाने” – प्रभावितों का फूटा दर्द
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी मंत्री आवास के बाहर डटे रहे। प्रभावित परिवारों का कहना है कि प्रशासन ने उनकी एक न सुनी।
- प्रमुख मांगें: प्रभावितों ने मांग की है कि इस दमनकारी कार्रवाई को तत्काल रोका जाए, बेघर हुए लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनके पुनर्वास (रहने की व्यवस्था) का इंतजाम किया जाए।
- चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने साफ लफ्जों में सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन और उग्र रूप अख्तियार करेगा।
मामले में कूदी कांग्रेस, सरकार पर बोला तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस ‘बुलडोजर नीति’ को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है।
प्रशासन की सफाई: “कानून के दायरे में हुई कार्रवाई”
दूसरी तरफ, चौतरफा घिरे प्रशासन ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कोई मनमानी कार्रवाई नहीं है, बल्कि न्यायालय और शासन के कड़े निर्देशों के पालन में उठाया गया कदम है।
- प्रशासन का दावा: संबंधित लोगों को कानून के मुताबिक पहले ही नोटिस देकर सूचित कर दिया गया था।
- आगे का रुख: अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का यह अभियान रुकने वाला नहीं है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
तनाव को देखते हुए छावनी में बदला इलाका
बुलडोजर कार्रवाई और मंत्री आवास के घेराव के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना या हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। मंत्री आवास सहित नकटी के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल (Extra Police Force) तैनात कर दिया गया
फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध बरकरार है। पीड़ित अपनी मांगों पर अड़े हैं और विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह सियासी और प्रशासनिक पारा और अधिक चढ़ने के आसार हैं।
