Central Bureau of Investigation (CBI) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच तेज करते हुए मंगलवार को एक छात्र और पुणे के फिजिक्स शिक्षक को गिरफ्तार किया है। इन दोनों गिरफ्तारियों के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार छात्र को पुणे की स्कूल हेडमिस्ट्रेस मनीषा हवालदार से फिजिक्स के सवाल मिले थे। आरोप है कि हवालदार ने सवाल मौखिक रूप से बताए, जिन्हें छात्र ने लिखकर उनकी फोटो ली और आगे भेज दिया। बाद में हस्तलिखित दस्तावेज नष्ट कर दिए गए। CBI का दावा है कि इसके बदले छात्र से पैसे भी लिए गए थे।
CBI ने बताया कि अन्य आरोपियों ने छात्र का नंबर अपने मोबाइल में ‘God’ नाम से सेव कर रखा था। गिरफ्तारी के बाद छात्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली भेज दिया गया।
जांच में मिले अहम सबूत
जांच के दौरान CBI को कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं, जिनमें:
✅ 23 पन्नों में लिखे फिजिक्स के सवाल
✅ NEET के असली प्रश्नपत्र
✅ NTA के आधिकारिक दस्तावेज
✅ नकदी, मोबाइल और लैपटॉप
पूछताछ में मनीषा हवालदार ने स्वीकार किया कि उन्होंने अप्रैल में याददाश्त के आधार पर फिजिक्स के सवाल दोबारा तैयार किए थे और उन्हें छात्रों के साथ साझा किया था।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

इस मामले में पहले भी कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें:
- NTA टीम से जुड़े अधिकारी पी वी कुलकर्णी
- ब्यूटी पार्लर संचालक मनीषा वाघमारे
- कंसल्टेंसी फर्म चलाने वाले धनंजय
- कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर
- फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह शामिल हैं।
CBI का आरोप है कि आरोपियों ने छात्रों तक केमिस्ट्री और फिजिक्स के लीक सवाल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
49 जगहों पर छापेमारी
जांच एजेंसी अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है। कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा पर पेपर लीक के आरोप लगे थे। इसके बाद National Testing Agency (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
