विपक्षी गठबंधन INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) की अहम बैठक सोमवार को आयोजित होने जा रही है। आगामी राजनीतिक रणनीति और केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रुख को लेकर होने वाली इस बैठक में 23 राजनीतिक दलों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टियों में से एक डीएमके के इस बैठक से दूरी बनाने की खबर ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट), सीपीएम, सीपीआई, आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), भाकपा (माले), एमडीएमके, वीसीके, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी), वीआईपी पार्टी, केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (मणि), बाप पार्टी और लोकदल सहित कुल 23 दलों के प्रतिनिधि हिस्सा ले सकते हैं।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी के भी शामिल होने की संभावना है। समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव, जबकि राजद की ओर से तेजस्वी यादव या मनोज झा बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।
- झामुमो की मौजूदगी पर सस्पेंस
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से प्रतिनिधि के नाम पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। झारखंड में राज्यसभा चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण पार्टी नेतृत्व अंतिम निर्णय लेने में जुटा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि कुछ अन्य दलों की ओर से भी प्रतिनिधियों की अंतिम पुष्टि बाकी है, इसलिए बैठक में शामिल होने वाले नेताओं की सूची में बदलाव संभव है।
- किन मुद्दों पर होगा मंथन?
बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी, जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई से आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है और युवाओं की उम्मीदों को झटका लगा है।
- विपक्षी एकता का शक्ति प्रदर्शन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक सिर्फ संगठनात्मक चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विपक्षी एकजुटता का बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी साबित हो सकती है। ऐसे समय में जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियां तेज हो रही हैं, INDIA गठबंधन की यह बैठक आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि, डीएमके की अनुपस्थिति विपक्षी खेमे के भीतर समन्वय और एकजुटता को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रही है। अब सभी की निगाहें इस बैठक से निकलने वाले राजनीतिक संदेश और भविष्य की रणनीति पर टिकी हैं।
