गोंडा/अयोध्या:
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेरफेर व चोरी का मामला अब बेहद गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों के बाद अब इस विवाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह के एक सनसनीखेज बयान ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है।
दिल्ली प्रवास से वापस अपने गृह जिले गोंडा (विष्णोहरपुर आवास) लौटे बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में राम मंदिर के चंदे में हो रही कथित गड़बड़ी पर बड़ा दावा किया।
मैं बहुत कमजोर आदमी हूं, सच बोलना भारी पड़ेगा
जब पत्रकारों ने बृजभूषण शरण सिंह से राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी को लेकर चल रहे विवाद पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा:
बयान के दौरान उन्होंने रामचरितमानस की एक चौपाई का भी जिक्र किया— “जिमि दसनन महुं जीभ बिचारी, सुनहु पवनसुत रहनि हमारी।” (जैसे बत्तीस दांतों के बीच में बेचारी जीभ रहती है, वैसी ही मेरी स्थिति है)। हालांकि, पूर्व सांसद ने साफ तौर पर किसी का नाम नहीं लिया कि उनका इशारा किस ‘ताकतवर’ व्यक्ति या संगठन की तरफ था।
क्या है पूरा विवाद?
- पूर्व प्रभारी का दावा: यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राम मंदिर चढ़ावा काउंटिंग टीम के पूर्व प्रभारी और विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़े महिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि मंदिर के दान के पैसों में कई सालों से हेराफेरी हो रही है। उनका दावा है कि नोटों की गिनती के दौरान 10 गड्डियों की जगह ज्यादा पैसे रख दिए जाते थे और वाउचर कम का बनता था, जिससे रोजाना लाखों रुपये गायब हो रहे थे।
- सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का आरोप: महिपाल सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से की, तो कार्रवाई करने के बजाय उस कमरे के कई महीनों के सीसीटीवी फुटेज डिलीट करवा दिए गए और उन्हें पद से हटा दिया गया।
- विपक्ष का हमला: इस मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह लगातार बीजेपी और ट्रस्ट पर हमलावर हैं। विपक्ष का कहना है कि करोड़ों भक्तों की आस्था के पैसे में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले में पहला बड़ा एक्शन
विवाद बढ़ता देख राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच की जिम्मेदारी सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी को सौंपी गई है, जिन्होंने सभी जरूरी फाइलों और सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है।
बृजभूषण शरण सिंह के इस “डर वाले बयान” के बाद अब यूपी की राजनीति में यह सवाल तैर रहा है कि आखिर वह कौन सा ‘ताकतवर’ चेहरा है, जिसका नाम लेने से खुद बाहुबली नेता भी कतरा रहे हैं।
