मुजफ्फरपुर, 4 जून 2026: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के ‘प्रसाद अस्पताल’ के आईसीयू (ICU) वार्ड में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक कई मरीजों की मौत की दर्दनाक खबर है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। लेकिन इस पूरी घटना में जो सबसे चौंकाने वाला और संवेदनहीन खुलासा हुआ है, वह यह कि आग लगते ही अस्पताल का डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मरीजों को भगवान भरोसे छोड़कर मौके से फरार हो गया।
- कैसे हुआ हादसा और कैसे फैली आग?
मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह प्रसाद अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में अचानक धुआं उठने लगा, जो देखते ही देखते भीषण आग में तब्दील हो गया। उस वक्त वार्ड में कई मरीज वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे, जो खुद से हिलने-डुलने में भी असमर्थ थे। आग लगते ही पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
- दमकल विभाग का जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशन
अस्पताल स्टाफ के भाग जाने के बाद आईसीयू वार्ड पूरी तरह से जहरीले धुएं और आग की लपटों से घिर चुका था। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग (Fire Department) की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला।
चूंकि अंदर जाने के सारे रास्ते धुएं से बंद थे, इसलिए रेस्क्यू टीम ने अस्पताल की खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश किया। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आईसीयू में फंसे मरीजों को एक-एक कर बाहर निकाला और उन्हें तुरंत दूसरे नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट कराया।
- जांच के घेरे में अस्पताल प्रशासन
इस हादसे ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और उनके गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया गया है:
- फायर सेफ्टी ऑडिट: क्या अस्पताल के पास वैध फायर एनओसी (Fire NOC) थी?
- सुरक्षा उपकरणों की कमी: क्या अस्पताल में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम और अलार्म सिस्टम काम कर रहे थे?
- कर्मचारियों पर कार्रवाई: संकट के समय मरीजों को तड़पता छोड़ भागने वाले डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) की तैयारी की जा रही है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों में भी इस संवेदनहीनता को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
