कर्नाटक की राजनीति में आज यानी 3 जून 2026 को एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। राज्य में कांग्रेस सरकार के तीन साल के सफल कार्यकाल के बाद नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Transition) का फैसला किया गया है। निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद, कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार आज नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इस बड़े बदलाव को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस इसे नए अध्याय और विकास की शुरुआत बता रही है, वहीं मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इसे “कुर्सी का खेल” करार दिया है।
- शपथ ग्रहण समारोह की मुख्य बातें और तैयारियां

डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 4:00 बजे बंगलूरू के लोक भवन में आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य और ऐतिहासिक समारोह को बेहद खास बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं:
- दिग्गज नेताओं की मौजूदगी: समारोह में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित पार्टी के कई शीर्ष नेता शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं।
- समावेशी आमंत्रण सूची: कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘जनता का समारोह’ बनाने का प्रयास किया है। इसमें सभी धर्मों के गुरुओं, किसान नेताओं, सफाई कर्मचारियों, दैनिक वेतन भोगी मजदूरों, दलित संगठनों और महिला स्वयं सहायता समूहों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
- भावुक पल: डीके शिवकुमार के गृह क्षेत्र कनकपुरा के सरकारी स्कूल के बच्चे भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए बुलाए गए हैं।
- शपथ ग्रहण के बाद का कार्यक्रम: शपथ लेने और पहली कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद, नए मुख्यमंत्री भारत जोड़ो भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
