नहीं रहीं सुरों की मलिका सुमन कल्याणपुर, 89 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा; ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ समेत सैकड़ों गीतों से बनाई अमिट पहचान

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भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका Suman Kalyanpur का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रविवार, 31 मई को उन्होंने मुंबई स्थित अपने लोखंडवाला आवास पर अंतिम सांस ली। उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार मुंबई में किया जाएगा, जहां परिवार, मित्र और संगीत जगत की कई हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देंगी।

सुमन कल्याणपुर का जाना भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज से उन्होंने लाखों संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई। उनके द्वारा गाए गए गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने अपने दौर में थे। ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’, ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’, ‘मेरा प्यार भी तू है’ और ‘जिंदगी इम्तिहान लेती है’ जैसे गीत आज भी श्रोताओं की जुबां पर हैं।

लता मंगेशकर और आशा भोसले के दौर में बनाई अलग पहचान

जिस दौर में Lata Mangeshkar और Asha Bhosle जैसी महान गायिकाएं संगीत निर्देशकों की पहली पसंद थीं, उस दौर में भी सुमन कल्याणपुर ने अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। अपनी सुरीली आवाज और शानदार गायन शैली के दम पर उन्होंने हिंदी फिल्म संगीत में एक अलग मुकाम हासिल किया। संगीतकारों और श्रोताओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई और उन्होंने अपने करियर में सैकड़ों यादगार गीतों को अपनी आवाज दी।

800 से ज्यादा गीतों को दी आवाज

28 जनवरी 1937 को अविभाजित भारत के भवानीपुर (वर्तमान बांग्लादेश) में जन्मी सुमन कल्याणपुर ने अपने गायन करियर की शुरुआत 1953 में रिलीज हुई मराठी फिल्म ‘शुक्रची चांदनी’ से की थी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने लंबे और सफल करियर में उन्होंने 800 से अधिक गीत गाए। हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, असमिया, कन्नड़, भोजपुरी, पंजाबी, राजस्थानी और उड़िया समेत कई भारतीय भाषाओं में उनकी आवाज गूंजी।

मोहम्मद रफी के साथ दीं कई यादगार प्रस्तुतियां

सुमन कल्याणपुर ने दिग्गज गायक Mohammed Rafi के साथ 140 से अधिक डुएट गीत गाए। उनकी और रफी की जोड़ी को हिंदी सिनेमा के सबसे पसंदीदा संगीत सहयोगों में गिना जाता है। उन्होंने Shankar-Jaikishan, Madan Mohan, S. D. Burman, Hemant Kumar, Naushad और Laxmikant-Pyarelal जैसे महान संगीतकारों के साथ काम किया और अनेक कालजयी गीतों को अपनी आवाज दी।

पद्म भूषण से हुई थीं सम्मानित

भारतीय संगीत में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2023 में उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान Padma Bhushan से सम्मानित किया था। यह सम्मान उनके दशकों लंबे संगीत सफर और भारतीय संगीत को समृद्ध बनाने में निभाई गई भूमिका की स्वीकृति था।

संगीत जगत के स्वर्णिम अध्याय का अंत

सुमन कल्याणपुर सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत की एक ऐसी विरासत थीं, जिनकी आवाज पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी। उनके निधन के साथ भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत हो गया है, लेकिन उनके गीत हमेशा संगीत प्रेमियों की यादों में जीवित रहेंगे।

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