नई दिल्ली। सवर्णों पर हो रहे अत्याचार और उन्हें दरकिनार किये जाने से नाराज करणी सेना ने ऐलान ए जंग की घोषणा कर दी है। दिल्ली घेराव करने के लिए देशभर में ‘दिल्ली चलो’ के नारे बुंलद किये जा रहे हैं। मोदी सरकार से नाराज होकर देशभर के सवर्ण दिल्ली पहुंचने वाले हैं और देश की राजधानी दिल्ली में यह अब तक के सबसे बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट कही जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, यूजीसी (UGC) रोलबैक और सवर्ण समाज के अधिकारों की मांग को लेकर आगामी 23 अगस्त 2026 को दिल्ली में एक विशाल ‘सवर्ण आक्रोश महापंचायत’ का आयोजन होने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को लेकर व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है।
शाह ऑडिटोरियम में जुटेंगे कई संगठन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह महापंचायत नई दिल्ली स्थित शाह ऑडिटोरियम में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का समय दोपहर 01:15 बजे निर्धारित किया गया है। आंदोलन को धार देने और इसकी व्यवस्था संभालने का जिम्मा प्रमुख रूप से ‘क्षत्रिय करणी सेना’ और ‘अखंड करणी पार्टी’ के पास है। इसके साथ ही देश के समस्त सवर्ण संगठन और सवर्ण समाज इस बड़े आयोजन में आयोजक की भूमिका निभा रहे हैं। इस आंदोलन में देशभर के समस्त सवर्ण संगठन, समाज तथा करणी सेना के अन्य संस्थाएं भी शामिल होने वाली हैं।
क्षत्रिय करणी सेना तथा अखंड करणी पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राज सिंह शेखावत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसकी जानकारी दी है। तथा एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की बात कही है।
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“अब अन्याय नहीं सहेंगे” का नारा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘चलो दिल्ली’ के नारों के साथ इस महापंचायत का सार्वजनिक आमंत्रण पत्र जारी किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह समय अपनी आवाज को बुलंद करने और एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का है। पोस्ट में समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर इस महापंचायत को ऐतिहासिक और सफल बनाएं।
सोशल मीडिया पर दिखने लगा असर
इस आंदोलन को लेकर धरातल के साथ-साथ इंटरनेट पर भी माहौल बनना शुरू हो गया है। करणी सेना और अन्य सवर्ण नेताओं द्वारा साझा की जा रही इस सूचना पर समाज के लोग लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि वे इस फैसले की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे और अब वे गांव-गांव से रैली निकालकर दिल्ली कूच करने की तैयारी में जुटेंगे।
