कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी विधानसभा में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक, 2026 को लेकर महत्वपूर्ण बयान देने वाले हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार कई अन्य अहम विधेयकों को भी सदन में पेश, विचार और पारित कराने की तैयारी में है।
सरकारी एजेंडे के अनुसार, UCC विधेयक के अलावा पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को छोड़कर) सेवा एवं पदों में आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026, पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026, पश्चिम बंगाल सार्वजनिक व्यवस्था (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक, 2026 भी विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि राज्य में UCC लागू करने की प्रक्रिया संविधान के अनुरूप अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा था कि इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है और राज्य सरकार गुजरात, उत्तराखंड तथा असम जैसे राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर आगे बढ़ेगी।
UCC को लेकर राज्य की राजनीति में पहले से ही बहस तेज है। भारतीय जनता पार्टी इसे अपने लंबे समय से चले आ रहे वैचारिक एजेंडे का हिस्सा बता रही है, जबकि विपक्षी दल इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों से परामर्श की मांग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा में इस विषय पर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि UCC विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण कानूनों पर होने वाली चर्चा आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
