लखनऊ। राम मंदिर में दान को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए राम भक्तों, आस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर उनकी टिप्पणियों पर पलटवार किया।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल धार्मिक विषयों को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार मंदिरों की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति की, वे अब आस्था के मुद्दों पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और सत्य के आधार पर अपना निर्णय लेगी।
राम मंदिर दान को लेकर हाल के दिनों में राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मुख्यमंत्री योगी का यह बयान भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। विपक्ष की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और चर्चा का विषय बना रह सकता है।
