पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान देश के विभाजन, बांग्लादेश के गठन और राजनीतिक दलों की नीतियों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत के विभाजन की ऐतिहासिक त्रासदी के लिए कांग्रेस की नीतियां जिम्मेदार रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति और तत्कालीन नेतृत्व के निर्णयों का खामियाजा करोड़ों लोगों को भुगतना पड़ा, जिनमें लाखों परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा, विस्थापन और असुरक्षा का सामना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह भारतीय समाज के इतिहास का सबसे दर्दनाक अध्यायों में से एक है। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों लोग अपने ही देश में शरणार्थी बनने को मजबूर हुए और अनेक परिवार हमेशा के लिए बिछड़ गए। उनके अनुसार, उस दौर की राजनीतिक गलतियों का असर आने वाली कई पीढ़ियों तक देखने को मिला।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश के गठन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास की घटनाओं को समझना और उनसे सीख लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली नीतियां ही देश को मजबूत बना सकती हैं और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचा सकती हैं।
सीएम योगी ने इस दौरान समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी और विभाजन से प्रभावित लोगों की पीड़ा को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण राष्ट्रीय हितों की अनदेखी की गई, जबकि सरकारों का दायित्व सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से इतिहास को याद रखने और देश की अखंडता एवं एकता को सर्वोपरि मानने की अपील भी की।
सीएम योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। उनके आरोपों को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभाजन और उससे जुड़े ऐतिहासिक मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ सकते हैं। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
