राम मंदिर से चुराए गए ₹2,000 करोड़ से खरीदे गए सांसद संजय राउत का सनसनीखेज दावा

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मुंबई/अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में कथित दान घोटाले को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और सत्ताधारी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट से करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी हुई है और इसी धन का इस्तेमाल विपक्षी दलों के सांसदों को तोड़ने और राजनीतिक खरीद-फरोख्त के लिए किया गया।

  • ‘भगवान के नाम पर जुटाया गया पैसा गायब’

संजय राउत ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए धन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। उनका आरोप है कि ट्रस्ट से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के बावजूद मुख्य आरोपी अब भी व्यवस्था का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि भगवान के मंदिर में चढ़ाए गए दान का भी सही हिसाब नहीं रखा जा रहा है, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

  • चांदी की ईंट और ₹1 करोड़ के दान का भी उठाया मुद्दा

राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि शिवसेना ने मंदिर निर्माण के लिए 4 किलो चांदी की ईंट और ₹1 करोड़ का दान दिया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी ट्रस्ट की ओर से न तो कोई आधिकारिक रसीद जारी की गई और न ही उस चांदी की ईंट का कोई रिकॉर्ड सार्वजनिक किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वह दान कहां गया और उसका हिसाब कौन देगा।

  • कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब अयोध्या के पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक पवन पांडे ने मंदिर में चढ़ावे की रकम में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। शिकायत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।

SIT की प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने मंदिर में दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन और दान की रकम के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं।

  • सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

इस विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत की निगरानी में CBI के नेतृत्व वाली SIT से पूरे राम मंदिर ट्रस्ट के खातों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है।

  • विपक्ष का हमला, सरकार ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा

राम मंदिर दान विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब पूरे मामले की जांच और अदालत की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह विवाद धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी बड़ा मुद्दा बन चुका है।

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