हल्दीघाटी युद्ध पर मोहन भागवत का बड़ा दावा, बोले- इतिहास में महाराणा प्रताप को नहीं मिला न्याय

Date:

उदयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हल्दीघाटी युद्ध को लेकर बड़ा बयान देते हुए इतिहास लेखन की परंपरा और उसके प्रस्तुतीकरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास के कई महत्वपूर्ण अध्यायों और वीर नायकों को वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक रूप से हकदार थे।

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि महाराणा प्रताप का संघर्ष केवल एक राजा और साम्राज्य के बीच का युद्ध नहीं था, बल्कि स्वाभिमान, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी के युद्ध का मूल्यांकन केवल युद्धभूमि के तत्काल परिणामों से नहीं, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों और संघर्ष की निरंतरता से किया जाना चाहिए।

  • ‘इतिहास को व्यापक दृष्टि से देखने की जरूरत’

मोहन भागवत ने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक घटना की सफलता या असफलता का आकलन केवल उस दिन के परिणाम से नहीं किया जा सकता। यदि विरोधी शक्तियां अपने उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल नहीं कर सकीं और संघर्ष लंबे समय तक जारी रहा, तो उस पक्ष की उपलब्धियों और प्रभावों को भी इतिहास में उचित महत्व मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसे अनेक प्रसंग हैं, जिनकी व्याख्या समय के साथ सीमित दृष्टिकोण से की गई। अब आवश्यकता है कि इतिहास को व्यापक परिप्रेक्ष्य में समझा और प्रस्तुत किया जाए।

  • नई पीढ़ी को मिले सही ऐतिहासिक दृष्टिकोण

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि देश के युवाओं को अपने इतिहास, परंपराओं और वीर व्यक्तित्वों के बारे में संतुलित और तथ्यपरक जानकारी मिलनी चाहिए। महाराणा प्रताप का जीवन साहस, त्याग, आत्मसम्मान और राष्ट्रनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी समाज को प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि इतिहास के उन पहलुओं को सामने लाना जरूरी है, जो राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करते हैं और समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है हल्दीघाटी का युद्ध?

साल 1576 में लड़ा गया हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास की सबसे चर्चित घटनाओं में गिना जाता है। यह संघर्ष मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच हुआ था। युद्ध के परिणाम और उसके ऐतिहासिक प्रभाव को लेकर इतिहासकारों के बीच लंबे समय से अलग-अलग मत मौजूद हैं। इसी कारण यह विषय समय-समय पर सार्वजनिक विमर्श और वैचारिक बहस का केंद्र बनता रहा है।

मोहन भागवत के ताजा बयान के बाद हल्दीघाटी युद्ध और महाराणा प्रताप की ऐतिहासिक भूमिका को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस राजनीतिक एजेंडा चला रही है: भाजपा सांसद कंगना रनौत

नई दिल्ली: भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने...